Wednesday, 4 February 2015

HINDAVI SWARAJ :

'हिंद स्वराज'

मोहनदास करमचंद गांधी पहले सुधारक थे जिन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और समाज की इन बुराइयों की वजह से भारत अंग्रेजी हुकूमत के पराधीन हो गया। इस दर्शन को 1908 में गांधी ने अपनी पहली पुस्तक 'हिंद स्वराज' की शक्ल दी। अपने तमाम अखबारों, किताबों, लेखों, भाषणों और साक्षात्कारों में गांधी मरते दम तक हिंदू धर्म में व्यापक बदलाव की हिमायत करते रहे।

Nv. D.D.Raut , President , NPP

Our Message to Nation : Janeu Chhodo , Bharat Jodo

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